जुगल धन

जुगल धन
जुगल धन निर्धन हो रहिहै।
बिनु तुम्हरै दासी होय फकीरा,संग तुम्हरौ धनवान है जइहै।
पंछी बिनु पर को तुम बिन,मिलिहै तौ पक्छी बन उडिहै।
मटुकी कचरी बिनु तुव प्यारौ,भरै जल नाहि ठहिरै।
मछरी सूख्यौ सरौवर कौ तौ बिन,उड्यै जल तडप मरिहै।
रंग बिनु मैहंदी जैसौ पियजु,ऐसौ आप बिनु हौहिहै।
प्यारी शव बिनु आप साँवरौ,देह देहि तुव हौहिहै।

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