अजहु कलहु

अजहु कलहु अबहु तबहु,कछु दो बताय पिय आवौ कबहु।
आवन जावन खिझन मनावन,छाडी आय बसौ उर थिर अबहु।
करूप सरूप अनूप मलूक,अरपण तैरौ तोहै जो है सबहु।
आवौ पुरावौ आस जुरावौ,ऐसौ आवौ जईयौ ना लौटि कबहु।
अबहु प्राणन बचिहै वारन,वारि दे "प्यारी" चहौ कहौ जबहु।

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