बंशी उलाहना पद
बंशी उलाहना पद
सखी बैर भरी बंशी प्यारी।
मधुर नाम पुनि पुनि टेरत है,मोरे हिय जरे को जरावत री।
लै नाम मेरो मीठी बोली,कबहु खेचत अपनी ओर अरी।
कहा जाय छिपू बचवे या सौ,नाय सुनि सकू तीखे बैनन री।
सुधि बिसरावे जब बात सुनू,मोरा बिगर गयौ सब काज अरी।
चूल्हा चौका अरू भरतार मैरा,अरू बिसर गयौ सबै बंधु री।
जे बैन भरी बंशी प्यारी,लै गयौ चित्त कौ चौरा चैन अरी।
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