पल पल भारी
पल पल भारी अब बिरहा कौ।
मिलन संदेसौ सुनि काटै कटै नाही,जुग जुग भाँति दिन एकही हौ।
डरपै हिय पुनि लौट फेर तै,संग संग चाहै थारै रहना यौ।
आवै अजहु कलहु या अबहु तबहु,सोचि सोचि बहला लैवे दासी जिवरौ।
"प्यारी" कहवै बेगि आय जावौ रमणा,घटि घटि जावै घट साँसन तौ।
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