नील पीतई

नील पीतई कुमुद से गात।
अंग अंग कलिका तरूणी नवेली,बरणत बनै नाहि बाणी सौ बात।
लागै कुमुद दोउ हिरतै पौना,लटपटै पग चलै जई बलखात।
मुस्कनि लागै गए खिलै थौरे,हसतोई लागै गए पूरे खिलै जात।
परागण कण "प्यारी" कुमुदा इनकी,चहै जँहा दोउ रहै छिट-कात।

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