बिनती
बिनती
श्यामा जु मोहै रख लीजो बरसाना।
करि चाकर मोहै राखो प्यारी,छोड तेरौ दर कितहु न जाना।
जान आपनौ शरण लगावौ,प्राणन सो प्यारौ होय बरसाना।
अधम कुमति जान नाय बिसरावो,कर चेरी मोय आपनौ बनाना।
महल टहल नित सेवा राख्यौ,राखिहौ निज चरणन बरसाना।
प्यारी जोरी दासी है रहिहै,छाडि तेरौ दर कितहु न जाना।
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