चहै उड़नो प्राण पखैरु
चहै उडनौ प्राण पखैरू।
नाय रहनौ चहै तौ बिनु घट मे,तज उडनौ चाहै बसेरौ।
बड्यै दिन बीते मिलै बिनु तौ से,करि दीन्ही बहौत अबेरौ।
तऊ उडिहै नाय बिनु तुम इकलै,देखि करिकै जतन भतेरौ।
नेक नेक मरनौ दिनु दिन काहै,एकहु बारि भलि-सौ बिखेरौ।
"प्यारी" अरज सब सुनि जैसो रमणा,अंतिम वैसो आस पुरेरौ।
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