भर आवे नैना

भर आवै नैना

पुनि पुनि भर आवे नैना।
नाम कोऊ सो सुनत बहवे,ज्यो बादर बरसत होय।
कबहु प्रीत को देखत बहवे,कबहु ना देखत रोय।
बोलत नाय कोऊ सौ देवे,आप ना बोलत होय।
हरि हरि हरि हरि हेेै मेरो,प्यारी को ओर ना कोय।

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