मम प्राण रमण प्यारे
मम प्राण रमण प्यारै,ओरि ना तरसावौ।
टूक टूक भए प्राण अरू जिवरौ,दुई धारि कटारि हमपै,ऐसौ ना जी चलावौ।
कही करू थारी पर संग थारै,संग साथ जित्तहु कहिओ,तित्तहु चली जावौ।
धीर धरयौ नाय जावै अब पलकौ,धरी धीर अनत जनमा,अबिकै ना धरावौ।
करहु जोरि "प्यारी" कहै परी चरणा,जैसो सुनो तैसो कहिदू,अबहु लेई जावौ।
Comments
Post a Comment