जाया न करो छोड़कर
जाया ना करो छोडकर,के यूं हमे राधारमण.....
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कुछ जानते भी हो के क्या,ये कर गुजरती दूरियां
बस तुम्हारा तो खेल था,सर्वस्व हमारा तो हुआ हरण।
जाया ना करो छोडकर,के यूं हमे राधारमण.....
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ये जो अधरो की मंद हास है,जीवन चलाती श्वास है
और इसके बिना जीवन कहाँ,येही तो सर्व कारण करण।
जाया ना करो छोडकर,के यूं हमे राधारमण.....
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पल की कहो जो तुम बात क्या,अंशांश पल का न्यून सा
एक कल्प था तुम्हारे बिना,हाय उसको करू कैसे बरण।
जाया ना करो छोडकर,के यूं हमे राधारमण.....
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अजी करने की हम संग देखिए,है ओर भी क्रीडाए बहोत
ऐसे तो ना खेला कीजिए,जँहा आ फसै जीवन मरण।
जाया ना करो छोडकर,के यूं हमे राधारमण.....
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रहना सदा संग यूं ही बस,नही स्वपन मे भी बिसारना
विनती प्रथम यही आखिरी,रखना सदा "प्यारी" शरण।
जाया ना करो छोडकर,के यूं हमे राधारमण.....
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जाया ना करो छोडकर,के यूं हमे राधारमण.....
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