कीजौ कौर कृपा

कीजौ कौर कृपा की करूणामई।

रस जोरि रस विहरत देखू,हौवे पिय प्यारी को सुख मैरोई।

सखिन कही सब टहल पुरावू,बनै श्वास प्राण सब सेवामई।

रहू धरा सुख आपकै हितई,जावू धरा सौ सुख हित आपई।

काढियो कदि नाहि राज तै मौहे,"प्यारी" राखौ जीवै मरे बादई।

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