श्रीराधा रमण भये

श्री राधारमण भए प्रिया आज।
वोई नैननि वोई सैननि,कछुक झुक्यौ नैननि भरि लाज।
वोई अधरनि अरूण रंगनि,मुस्कनि तीखी गिराय गयी गाज।
वोई ठाडनि वोई चालनि,चलनि मलंग तनिक तुनक आज।
वोई "प्यारी" मनवा हारी,नितही हारी निरख नवै साज।

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