दौरे नन्दलाल
दौरे नंदलाल
दौरे नंदलाल लुकन कौ माई।
दधि हाँडी फोडी भतेरी,मैय्या बहुत खिझाई।
गोद बैठायी दूध पिलावती,देखियौ दूध उफनाई।
धरि भूमि लाल छाडियौ,जायौ दूध लई सम्हराई।
अति खीज्यौ लाल देखतौ,धरी सब मटुकी रिढाई।
आवन दैखी हाल लला कौ,लै छडी माई पाछै धाई।
ठाडौ रहै रै मौरे कपूतै,तौहै आजु ना कोय बचाई।
सुनि धावति जोरि नंदलाला,पाछै छिपिहै रोहिणी माई।
आनंद नंद महल को बरसै,काय प्यारी हिय दई तरसाई।
Comments
Post a Comment