करो पुनि पुनि आवन जावन

करौ पुनि पुनि आवन जावन काहै।
ऐसे च्यो ना आवौ जो परिहै ना जावौ,ऐसौ आनौ जानौ मौरा मनहु दाहै।
ऐसो हु ना करिहौ तौ दीजौ ह्यौ मिटावै,नाय नित नित कोउ तबहु बुलावै।
आवौ जई जी जावू जावौ पुनि मरिहु,ऐसौ जीनौ मरनौ अब सह्यौ ना जावै।
ओरि का करेगे जई अपनै यौ करिहै,कहौ कैसे सहै जई पियही दुरावै।
कबहु तौ आवौ ऐसौ जावौ ना इकलै,"प्यारी" दिन हित सोई जोहवत राहै।

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