अबलौ न आय म्हारे प्यारे रमणा

अब लौ आए ना,म्हारै प्यारै रमणा च्यौ।
फागुन आए सावन आए,काहै नाय आय ; म्हारै प्राण प्यारै जौ।
चंदा आए तारै आए , मम भानु आय ; काय नाय अब लौ।
सखियन सारिकै पियही आए,रहि गए कितहु ; म्हारै पिय उलझ्यौ।
"प्यारी" बुलाए पियजु आवौ,मोहि लेई जावौ-जो ; नाहि आनि हौ-तौ।

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