अबिके जो श्याम न आये
अबिकै जो श्याम ना आए।
प्राण तज दूंगी सखी री,डूबै जमुना जी ह्यौ जाय।
देह उर काढ धरूंगी,नाय उरतै तो काढै जाय।
काग दृग दूंगी खवाई,जेई बैरी हमे तौ उकसाए।
जोग तप ध्यान करूंगी,देऊ तन कौ ही री सुखाय।
पुनि ना बिचार करूंगी,नातौ पुनि उर देय समुझाए।
आय पिय पाई ना तोय,कहा बीतै पिय उर हाय।
करू कहा कोउ बतावौ"प्यारी" जीवै मरा ना जाय।
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