विधना दुई ही दए

विधना दुई ही दए च्यौ नैना।
यातौ तिहारौ ऐसौ रूप हता - ना,याए-तौ अनगिन देत ह्यौ नैना।
दुई नैनन यासौ तोय पीबू कैसो,यातै- तौ दरस प्यास ह्यौ बुझे-ना।
अरजी "प्यारी" अबिकै जौ जन्म हौ,मिलै - मौ अनगिन फसै तौमे नैना।

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