डरपै हिय
डरपै हिय
डरपै हिय बिनहु पिय।
देश बैगानौ छाडि गयौ मोहै,तज गयौ बिरहा भवँर मा मोय।
नाय आवै नाय सुधि लैवे म्हारी,सखी सहैली सबै तजी होय।
च्हू छाडि पिय देश भज जावू,देश बैगानौ रहनौ नाय मोय।
कौन भरोसौ देश दूजै छाडी,बेगि प्यारी सुधि लैवौ जी आय।
हाय बैरी विधना कौन बैर करिहै,पीय सौ मिलन काय ना होय।
प्यारी पल छिन मग राह तकत हौ,दरस दिखावौ लगावौ अंग मोय
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