नज़र भई
नजर भई
नजर भई मलूक लाल कौ।
हँसे नाय दूध नाय पीवे लाला,मारि गयी कौउ गुजरिया टौना।
रोवै रोवै उधम मचावै,हसि हैरे न मेरौ प्यारौ छौना।
जाने कौन गुजरी बैर पड्यौ है,कहि छेडे मेरौ लाल साँवरिया।
नीको मलूक सौ लाल मोरै पै,हाय री धर गयी कोउ नजरिया।
नौन राई माई वार रह्यी री,कबहु कारी गाय कौ पूछ घुमामै।
प्यारी जगपति लै घूमै गली गली हौ,जाय साधु सन्तन झाड लगामै।
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