आड अड़ी

आड अडी

मम बैर कौन आड अडी श्यामा।
जनत हौ पहलौ कुटिल अधम हौ,किरपा जानत सबै ही किन्ही।
बिगरत जगत मा तबै आप पकरि,पकर बाह आपु मौरि सुधि लिन्ही।
जनम जनम बिसरी ता पै न पुकारी,हार प्यारी श्यामा आपु आपन किन्ही।
काहै पकर पुनि पुनि छाडौ री प्यारी,दीजौ जी वास प्यारी कछु नाय चिन्ही।

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