तरसत जिया

तरसत जिया बिनु दरसत पिया।
चैन पावै नाही पलहु बैरी,टौना जानै कैसो साँवल किया।
बिनु देखै तडपै देखेहु तडपै,तलवारी दुई धारी चालत हिया।
मानै परायै सब एकहु अपना,ऐसी डोर मन बाँध लिया।
परै सोच समुझतै बातहु प्रीती,"प्यारी" जगतै न्यारी प्रीती पिया।

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