जगावन लीला
जगावन लीला
पद गावै जगावै सखि,बजावतौ वाद्य अनोखै।
पडतौ सुनहि बिनति,दरस आकुल सखि दैखै।
खौलिहै नैन जगिहै,सखिया मिलि कुसुम डारै।
बैठाव दुई सखिन,जुगल छबि कौ नजरिया तारै।
सुवसित झारी जलकौ,सैजि बैठि मुखहु धुलारै।
पहरावै कुसुम मालौ,दुई चंद बारि हियहु हारै।
मुखसौ बीरी राखिहै,घैरि जुगल संग बतियारै।
ऐसैहु भौर हुति दीखै,नैन च्ह्वै सौनो चाह्वै।
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