छवि बसै

छबि बसै
छबी बसै हिय मैरौ गौर श्याम।
राजत पीत पीतांबर धारै नील बसन अंग बाम।
काजर रेख दुई नैन सुनैना बने दुई अति सुखधाम।
अधर सरस मुस्कन बड्यी प्यारी बीरी पीक रचै ललाम।
रैन दिनन प्यारी बुलावै टेरे जुगल प्यारौ नाम।

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