मुरली

मुरली
लाल कर राजत मुरली अनूप।
सुवर्ण जडित लाल पद्म नीलम,मोतिन लटकन लटकति।
बजत डोलत भुवन चौदह,सखि गोपिन कुंज भटकति।
राग राधा नाम टेरत,लेवत नाम अति रति।
मुदित अंग सुनत राधा,दौरत कुंज भगी जती।
ऐसेहु बंशी सुनत प्यारी,कदसी टेरत सुनी।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया