टौना

टौना

कछु कियौ टौना अरी री,मौहे छूवत रौग लग्या।
भलिहि घर सौ निकरि,मग दैखिहि वा धूत अया।
करत मीठै बैनहु,मौहे नैन जालहु फसया।
छूयौ जबसौ वानै,तबसौ हिय बाँवरा भया।
बिटप,मटुकी,सास सबरौ,जैही दीखै बड्या।
हाय मति बौराई मौरी,जाने कौन भूतै संग लगा।
नाहि जाहै सौ जतन करिहै,फिरै संगै संगै लगा।
हसत बौलिहि सखिन,तौ सौ प्रीत कौ रौग लगा।

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