कौन बिन आप
कौन बिनु आप
कौन मेरो बिनु आप गिरधर।
संगी सहेली झूठ कौ साथी,आपहु सखा मेरो आपहु वर।
आपहु करनी भरनी आपहु,आपहु मैरौ पल छिन्न नागर।
मीत आपहु प्रीत आपहु,आपहु भयौ प्रीत रीत भरौ गागर।
सौवन आपहि जागन आपहि,आपही दोनन बीच कौ तागर।
प्यारी नैन बैन सैन सबहु,हिय बसै प्रीत रस भरी गागर।
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