पिय प्यारी श्रवणा कुसुम
पिय प्यारी श्रवणा कुसुम लगानि।
नैननि कौर निरखि प्यारी नीकौ,पिय नैन सौ नैन मिलानि।
मिलै भूलै दुई नैनन सरबस,प्यारी हसै पिय सुध बिसरानि।
नित नव रूप माधुरी देखी,भूलै कुसुम श्रवण सौ लगानि।
" प्यारी" जोरी की चरणन चेरी,बहु भाँति दोउ लाड़ लडानि।
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